मेडिकल क्षेत्र में नई तकनीक से आएगी क्रांति, सर्जरी के खर्च में आएगी 70 फीसद की कमी

क्या आपने कभी सोचा था कि एक दिन बिना ऑपरेशन थिएटर और मरीज के भी छात्र सर्जरी के एक्सपर्ट बन पाएंगे? अगर नहीं तो Vitual Reality की दुनिया में यह संभव होने जा रहा है। इस तकनीक की मदद से मेडिकल के छात्रों को बिना किसी शल्य उपकरण और मरीज के सर्जरी की ट्रेनिंग दी जा सकेगी। इस तकनीक का प्रयोग मेडिकल छात्रों को सर्जरी सिखाने के लिए किया जाएगा। इसमें छात्र बाकायदा खुद को ऑपरेशन थिएटर में महसूस करेंगे। मरीज के शरीर पर छात्र चीरा भी लगाएंगे और ऑपरेशन के बाद टांके भी लगाएंगे।

IIT के 1999 बैच के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व छात्र पंकज मित्तल ने स्टार्टअप AB Hospitals के तहत यह तकनीक विकसित की है। उन्होंने VR बॉक्स की तरह दिखने वाला ऐसा उपकरण बनाया है जो मेडिकल छात्रों को सर्जरी, नर्सिंग का हाइटेक प्रशिक्षण देने में सक्षम है। इस हाईटेक क्वालिटी कंट्रोल की खासियत यह है कि ऑपरेशन के बाद छात्र मरीजों की देखरेख के बारे में समझाने तक की प्रक्रिया इसके माध्यम से की जा सकती है।

Virtual Reality को कंप्यूटर साइंस (हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर) के माध्यम से विकसित किया जाता है। इस तकनीक के मदद से एक आभासी दुनिया तैयार की जाती है जिसमें आपको सब कुछ बिलकुल वास्तविक लगता है। जब यूजर इसका अनुभव करता है तो उसे लगता है की वह वास्तव में वहां मौजूद है और उस जगह को वह अपनी आंखों से देख व महसूस कर पा रहा है। फिर बात चाहे ऑपरेशन थिएटर की हो या मरीजों के वार्ड की। आपको लगेगा कि आप वहां एक डॉक्टर व नर्स की तरह काम कर रहे हैं लेकिन हकीकत में आप उसी स्थान पर होते हैं जहां पहले से हैं।

सर्जरी होगी सस्ती: आईआईटियन पंकज मित्तल ने बताया कि वह पवन प्रताप प्रवीण की कंपनी  XR Digitech के साथ मिलकर सर्जरी को सस्ता करने की तैयारी कर रहे हैं। उनके पैनल में अभी 13 डॉक्टर हैं जिन्होंने गुड़गांव व दिल्ली में सर्जरी शुरू कर दी है। एक दिन में कई मरीजों की सर्जरी के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ हायर किए जाते हैं। इससे ज्यादा पैसा देना पड़ता है। इनके पैनल में हर सर्जरी के लिए डॉक्टर शामिल हैं। इससे चिकित्सकों को अलग-अलग नहीं बुलाना पड़ता है जिससे सर्जरी पर लगने वाली फीस कम हो जाती है।

Virtual Reality तकनीक के फायदे:

इस तकनीक की मदद से आसान होगी सर्जरी की ट्रेनिंग।

Virtual Reality की मदद से मेडिकल छात्रों को मिल सकेगी ट्रेनिंग।

मरीजों की हर मूवमेंट पर बारीकी से रखी जाएगी नजर।

Virtual Reality की मदद से मेडिकल छात्र मानव शरीर के हर भाग की कर सकेंगे स्टडी।

इलाज पर आने वाले खर्च में आ सकती है 70 फीसद तक की कमी।

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