Whatsapp में लोकसभा चुनाव 2019 से पहले देखे जा सकते हैं बड़े बदलाव

दुनिया का सबसे लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग सेवा प्रदान करने वाले प्लेटफार्म Whatsapp में आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकता है। बुधवार को Whatapp की ओर से जारी बयान में कहा गया कि फेक न्यूज और अफवहों पर लगाम लगाने के लिए कंपनी कुछ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी के भारत में 200 मिलियन यानी कि 20 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। भारतीय यूजर्स की वजह से ही इस इंसटैंट मैसेजिंग ऐप को दुनियाभर में इतनी लोकप्रियता मिली है।

Whatapp को हेड ऑफ कम्युनिकेशन ने 6 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित एक मीडिया सेशन के दौरान कहा, एक निजी कम्युनिकेशन प्लेटफार्म के तौर पर हमारा मानना है कि हमारी सेवाएं निजता को बरकार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। Whatapp ने अपने प्लेटफार्म पर अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए बल्क मैसेजिंग जैसी सेवाओं में बदलाव किया है। पिछले साल Whatapp के जरिए अफवाहों के फैलने की वजह से देश में कई जगह लिंचिंग की घटनाएं सामने आईं थी। महाराष्ट्र में Whatapp द्वारा फैलाए गए अफवाहों और फेक न्यूज की वजह से कई लोगों की मौतें भी हुई थी। इसके बाद Whatapp ने अपने बल्क मैसेजिंग फीचर में बदलाव करके एक बार में 5 से ज्यादा लोगों को मैसेज फॉरवर्ड करने पर रोल लगा दिया था।

Whatapp ने भारतीय यूजर्स को 10 भाषाओं में विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो और अखबार के माध्यम से इन अफवाहों से बचने के लिए मुहिम भी शुरू किया। देश के कई प्रमुख अखबारों में व़ॉट्सऐप ने विज्ञापन निकाल कर फेक न्यूज और अफवाहों को रोकने के लिए आग्रह भी किया था। Whatapp के इस देशव्यापी मुहिम के अलावा कंपनी ने अन्य देशों में भी ये मुहिम चलाई। कंपनी ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कई बदलाव किए हैं जिसमें किसी भी ग्रुप में कौन सदस्य मैसेज भेज सकता है और कौन नहीं यह अधिकार ग्रुप एडमिन को दे दिया है।

इसके अलावा अगर आपको किसी ग्रुप में इस तरह के अफवाह और फेक न्यूज दिखता है तो आप उस ग्रुप को रिपोर्ट भी कर सकते हैं और ग्रुप को एग्जिट भी कर सकते हैं। इसके अलावा ग्रुप का कोई मेंबर (सदस्य) इस तरह के फेक न्यूज या अफवाह फैला रहा है तो आप उस मेंबर को भी रिपोर्ट कर सकते हैं। किसी भी ग्रुप को या फिर सदस्य को रिपोर्ट करना भी आसान है, आप केवल एक टैप करके रिपोर्ट कर सकते हैं। Whatapp के मुताबिक पिछले तीन महीने में ग्लोबली 2 मिलियन (20 लाख) अकाउंट को सस्पेंड किया गया है। इनमें से 75 फीसद वो अकाउंट्स थे जिन्हें किसी ने रिपोर्ट नहीं किया था। यानी कि Whatapp ने फेक न्यूज और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए ऑटोमैटिक तकनीक का सहारा लिया है।

वहीं, Whatapp एंड-टू-एंड इनक्रिप्शन के जरिए किसी भी यूजर अकाउंट की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। किसी भी यूजर द्वारा अफवाह या फेक न्यूज फैलाने की स्तिथि में इस तरह के मैसेज को फिल्टर किया जा सके। Whatapp का यह ऑटोमैटिक तकनीक एक समय में कई लोगों तक बल्क मैसेज भेजने वाले यूजर की पहचान कर सकेगा। Whatapp की यह नई मैकेनिज्म मशीन लर्निंग सिस्टम पर आधारित है। इसके अलावा यूजर किसी संदिग्ध यूजर को ब्लॉक और रिपोर्ट भी कर सकेंगे।

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