Google ने Android स्मार्टफोन्स के लिए फिजिकल सिक्युरिटी की जारी कर दिया है। ज्यादातर साइबर क्राइम के मामले में हैकर्स स्मार्टफोन के जरिए ही यूजर्स के ऑनलाइन क्रेडेंशियल्स की चोरी करते हैं। इस तरह ही साइबर सिक्युरिटी ब्रीच को रोकने के लिए कंपनियों को काफी मेहनत करना पड़ता है। Google ने इसी परेशानी को देखते हुए यूजर्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन फीचर को इंट्रोड्यूस किया है जो यूजर्स को स्मार्टफोन ऐप्स के ऑनलाइन क्रेडेंशियल्स वाले साइबर अटैक से बचा सकते हैं। इसके अलावा कंपनी ने यूजर्स के लिए सिक्युरिटी की को भी जारी किया है जो अकाउंट को हैकर्स से बचा सके।

साइबर अटैक के बढ़ते खतरों को ध्यान में रखते हुए Google ने Android स्मार्टफोन को फिजिकल की में बदल दिया है। Google ने स्मार्टफोन में इस फीचर को जोड़कर यूजर्स को किसी अन्य डिवाइस के जरिए सिक्युरिटी की को कैरी करने के झंझट को खत्म कर दिया है। इस तरह से अब आपका Android स्मार्टफोन भी एक सिक्युरिटी की की तरह काम करेगा जो आपको संभावित साइबर अटैक से बचाएगा। टू-फैक्टर वेरिफिकेशन की तरह ही सिक्युरिटी की आपके द्वारा विजिट किए गए वेबसाइट के बारे में बताएगा कि वह वेबसाइट कंही फेक तो नहीं है। Google का यह फीचर Android 7 और उससे ऊपर के स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध होगा। इसका मतलब यह है कि लगभग 50 फीसद से ज्यादा Android यूजर्स को इस फीचर का फायदा मिलेगा।

फिलहाल यह फीचर Google क्रोम और Google अकाउंट में काम कर रहा है। कंपनी जल्द ही इसका दायरा बढ़ा सकती है। Google के फिजिकल सिक्युरिटी की के सेटिंग्स के लिए यूजर्स को Android फोन के Google सेटिंग्स ऑप्शन में जाना होगा। इसके बाद यूजर्स को 2-स्टेप वेरिफिकेशन को सर्च करना होगा। इसके बाद सिक्युरिटी की ऑप्शन में जाकर अपने स्मार्टफोन को फिजिकल सिक्युरिटी की डिवाइस के तौर पर सेलेक्ट करना होगा। इसे साइन इन करते समय यह ध्यान रखना होगा कि आपका ब्लूटूथ ऑन हो, इसके बाद आप डिवाइस में साइन इन कर पाएंगे।

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