डिजिटल दुनिया में Passwords बेहद महत्वपूर्ण हैं। ई-मेल्स से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक लोगों का अकाउंट पासवर्ड से सुरक्षित रहता है। बिना उनकी अनुमति के उनका अकाउंट कोई भी नहीं खोल सकता है। हैकर्स किसी के भी अकाउंट में बड़ी ही आसानी से दाखिल हो जाते हैं। इसकी एक एक बड़ा कारण कमजोर पासवर्ड भी है। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें कहा गया था कि लोग अपने अकाउंट पासवर्ड को कठीन और मजबूत बनाने के बजाय 123456 को तवज्जो दे रहे हैं। नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर (NCSC)द्वारा की गई स्टडी में बताया गया था कि 123456 पासवर्ड को 2.3 करोड़ बार यूजर्स द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

फिशिंग अटैक होते क्या है?

आसान भाषा में समझा जाए तो फिशिंग अटैक का मतलब ऑनलाइन जालसाजी है। इस अटैक के जरिए हैकर्स यूजर की निजी जानकारी जैसे यूजरनेस, पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स आदि चुराते हैं। उदाहरण के तौर पर: आपको कई इमेल्स आते हैं। इनमें से कुछ ऐसे होते हैं तो जिनमें आपकी पर्सनल जानकारी मांगी जाती है। जैसे एक ऐसा इमेल है जिसमें दावा किया जा सकता है कि Apple का कहना है कि आपके पासवर्ड की तत्काल आवश्यकता है अन्यथा आपका अकाउंट लॉक हो जाएगा। जैसे ही आप इस ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं और अपना पासवर्ड आदि डिटेल्स एंटर करते हैं तो आपकी पूरी जानकार हैकर्स के पास चली जाती है। हैकिंग से बचने के लिए कई तरीके उपलब्ध कराए गए हैं लेकिन इनके लिए कुछ किताबें भी उपलब्ध हैं। आप इन्हें Amazon से खरीद सकते हैं। 200+ Ways to Protect Your Privacy को खरीदने के लिए क्लिक करें यहां, Prevent Your Voicemail & Cell Phone being Hacked बुक को खरीदने के लिए क्लिक करें यहां

फिशिंग अटैक से बचने के लिए Google ने एक क्विक क्विज आयोजित किया है। इस लिंक पर क्लिक कर आप क्विज पर जा सकते हैं। इस क्विज के जरिए यूजर्स वो स्थिति जान पाएंगे जब उन्हें फिशिंग के जरिए जालसाजी में फंसाया जाता है। इस क्विज के माध्यम से यूजर्स की फिशिंग-डिटेक्शन स्कील्स को परखा जाएगा।

अपने पासवर्ड को कभी भी दोबारा इस्तेमाल न करें। कई यूजर्स अपने अकाउंट का पासवर्ड एक जैसा रखते हैं जिससे पासवर्ड याद रखने में आसानी हो। इससे आपके हर अकाउंट का रिस्क फैक्टर काफी बढ़ जाता है। अगर आपको एक साथ कई पासवर्ड रखने में दिक्कत होती है तो आप Password Manager का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आपके सभी इमेल आइडी और पासवर्ड सेव हो जाएंगे।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। हैकर को किसी भी अकाउंट को खोलने के लिए इस प्रक्रिया मे दो बार सिक्योरिटी में सेंधमार करनी होगी जो उसके लिए मुमकिन नहीं होगा। यानी अगर यूजर आपके पासवर्ड को पता लगा भी लेता है तो टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के जरिए दूसरे स्टेप एक सीक्रेट पिन यूजर के स्मार्टफोन पर भेजा जाएगा। इसे एंटर करने के बाद ही आपका अकाउंट खोला जा सकेगा।

Google के ऑनलाइन सिक्योरिटी चेकअप को देखें। यह अकाउंट को मजबूत बनाने के लिए कई विकल्पों की जानकारी देता है।

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