विश्‍व आर्थिक मंच के अनुसार 2025 तक मशीनें मानव से अधिक कार्य करेंगी

बढ़ती आबादी को देखते हुए वैज्ञानिक अपने कामों के लिए अधिक से अधिक मशीनों का निर्माण कर रहें, जिससे ज्‍यादा से ज्‍यादा काम मशीनों से कराया जा सके और व्‍यक्ति को आराम मिल सके। लेकिन आज के परिवेश में बिल्‍कुल इसके विपरित कार्य हो रहा है। अधिक से अधिक कार्य मशीन कर रहीं है और व्‍यक्ति को अपने काम के लिए भटकना पढ़ रहा है। हाल ही में हुई विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के एक अध्ययन के अनुसार वर्ष 2025 तक रोबोट मौजूदा कार्यभारों का 52 प्रतिशत कार्य संभालने लगेंगे, जो अब की तुलना में करीब दुगुना होगा. डब्ल्यूईएफ ने यह अध्ययन जारी किया. मंच का अनुमान है कि मानव अपने कामो में ‘‘नयी भूमिकाओं’’ का तेजी से इजाफा कर रहा है. इन मशीनो के साथ कम्‍पयूटर की नई तकनीक को मानव को अपना होगा, जिससे मानव को अत्‍याधिक रोजगार प्राप्‍त हो सके।

वर्तमान समय के अनुसार मानव 100 प्रतिशत कार्य में से 75 प्रतिशत कार्य मानव और 25 प्रतिशत कार्य मानव कर रहा है। किन्‍तु स्विस संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘आज मशीनों के माध्यम से जहां 29 प्रतिशत कार्य हो रहे हैं वहीं वर्ष 2025 तक मौजूदा कार्यभारों का तकरीबन आधा मशीनों के माध्यम से संपन्‍न होगा.’’ । मानव के लगभग 50 प्रतिशत कार्य मशीने करेंगी।

अध्ययन के अनुसार ई-कॉमर्स एवं सोशल मीडिया सहित सेल्स, मार्केटिंग और कस्टमर सर्विस जैसी जिन नौकरियों में ‘‘मानव कौशल’’ की आवश्यकता होती है उनमें मानव कौशल में इजाफा देखा जा सकता है. इसी तरह से रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और प्रबोधन जैसे कार्यों में भी मानव कौशल बना रहेगा.

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